मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा विधि: ऐसे करेंगे पूजा तो हर मनोकामना होगी पूरी

मंगलवार हनुमान जी के जन्म का और शनिवार शनिदेव के प्रभाव को शांत करने का विशेष दिन है। इन दोनों दिनों में बजरंगबली को प्रसन्न करने की सबसे सरल और सटीक पूजा विधि यहाँ बताई गई है।

Tuesday and Saturday Hanuman Ji Puja Vidhi
Share this article

क्या आप भी अपनी जिंदगी की उलझनों से परेशान हैं? कई बार हमें लगता है कि हम मेहनत तो पूरी कर रहे हैं, लेकिन किस्मत हमारा साथ नहीं दे रही। ऐसे में हम सबके मन में एक ही नाम आता है—संकटमोचन हनुमान जी! बचपन से ही हमने अपने घरों में दादा-दादी या माता-पिता को मंगलवार और शनिवार के दिन बजरंगबली की खास पूजा करते देखा है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दो दिनों में पूजा करने का सही तरीका क्या है? अगर आप घर पर श्री हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करते हैं, तो आपको शास्त्रों में बताए गए इन खास नियमों की जानकारी जरूर होनी चाहिए। चलिए, आज बिल्कुल आम बोलचाल की भाषा में समझते हैं कि मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा विधि क्या है, जिससे आपकी हर मुराद पूरी हो सके।

आखिर मंगलवार और शनिवार ही क्यों हैं इतने खास?

हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन ही सबसे बेहतरीन क्यों माना जाता है? इसके पीछे बहुत ही गहरे ज्योतिषीय और पौराणिक कारण छिपे हैं। वैदिक ज्योतिष में मंगलवार के नियम मंगल ग्रह से जुड़े होते हैं। मंगल ग्रह हमें गजब की हिम्मत, ताकत और एनर्जी देता है, और हनुमान जी खुद भी ऊर्जा और बल के देवता हैं।

वहीं शनिवार की बात करें तो, रामायण की कथाओं में बताया गया है कि जब हनुमान जी माता सीता की खोज में लंका पहुंचे थे, तो उन्होंने शनि देव को रावण की भयानक कैद से आजाद करवाया था। इसी बात से खुश होकर शनि देव ने वरदान दिया था कि जो भी इंसान शनिवार के दिन हनुमान जी की पूजा करेगा, उस पर कभी भी शनि की साढ़ेसाती या बुरी नजर का कोई असर नहीं होगा।

मंगलवार को हनुमान जी की पूजा विधि (Tuesday Puja Tips)

मंगलवार का दिन कर्ज, बीमारी और शत्रुओं से छुटकारा पाने का दिन होता है। अगर आप सुबह-सुबह ये आसान सी पूजा विधि अपनाते हैं, तो आपका पूरा हफ्ता शानदार गुजरेगा:

  • लाल रंग का इस्तेमाल: मंगलवार को नहाने के बाद लाल या नारंगी रंग के साफ कपड़े पहनें। हनुमान जी को लाल रंग बहुत पसंद है। पूजा के लिए हमेशा लाल ऊनी या सूती आसन ही बिछाएं।
  • सही दिशा और दीपक: पूजा करते समय आपका मुंह पूर्व (East) या दक्षिण (South) दिशा की ओर होना चाहिए। हनुमान जी के सामने चमेली के तेल या शुद्ध देसी घी का दीपक जरूर जलाएं।
  • क्या भोग लगाएं? मंगलवार के दिन बजरंगबली को गुड़ और चने का प्रसाद बहुत प्रिय होता है। आप चाहें तो मीठी बूंदी या बेसन के लड्डू भी चढ़ा सकते हैं।
  • पाठ का सही तरीका: दीया जलाने के बाद पूरी श्रद्धा से हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें। अगर समय कम है, तो आप ‘ॐ हं हनुमते नम:’ का 108 बार जाप भी कर सकते हैं।

शनिवार को हनुमान जी की पूजा विधि (Saturday Puja Tips)

शनिवार के दिन की पूजा थोड़ी अलग होती है। यह दिन खासकर उन लोगों के लिए है जो शनि दोष, नजर दोष या मानसिक तनाव (Depression) से परेशान हैं। शनिवार के ज्योतिषीय महत्व के अनुसार, इस दिन शाम के समय पूजा करने से बहुत ज्यादा फायदा मिलता है।

  • शाम की पूजा: शनिवार को सूरज ढलने के बाद नहा-धोकर साफ कपड़े पहनें। हो सके तो किसी पुराने हनुमान मंदिर जाकर उनके दर्शन जरूर करें।
  • सरसों के तेल का दीपक: इस दिन घर के मंदिर या बाहर हनुमान जी के सामने सरसों के तेल (Mustard Oil) का दीया जलाएं। अगर दीये में 2 साबुत लौंग डाल दें, तो ये और भी चमत्कारी असर दिखाता है।
  • काले तिल और उड़द: शनिवार को हनुमान जी को उड़द की दाल के वड़े या काले तिल मिली हुई कोई भी मिठाई चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है।
  • सुंदरकांड का पाठ: अगर आप किसी बहुत बड़ी मुश्किल में फंसे हैं और रास्ता नहीं मिल रहा, तो शनिवार की शाम को सुंदरकांड का पाठ जरूर करें। इससे हर तरह का संकट कट जाता है।

पूजा करते समय किन गलतियों से बचें?

भगवान बहुत दयालु हैं, लेकिन पूजा का 100% फल पाने के लिए आपको कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखना चाहिए। कभी भी गंदे या पहने हुए कपड़ों में पूजा करने न बैठें। जो इंसान हनुमान जी का भक्त है, उसे मंगलवार और शनिवार के दिन भूलकर भी मांस, मछली, अंडा या शराब (Non-veg or Alcohol) का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, पाठ करते समय अपना पूरा ध्यान भगवान के चरणों में लगाएं, बार-बार अपना मोबाइल फोन चेक करने या किसी से बात करने से बचें।

चलते-चलते

चलते-चलते बस इतना ही कहूंगा कि पूजा की विधियां और नियम अपनी जगह हैं, लेकिन सबसे बड़ी चीज आपका ‘भाव’ है। अगर आपका दिल साफ है और आप किसी का बुरा नहीं सोचते, तो आपकी टूटी-फूटी पूजा भी सीधे भगवान तक पहुंचती है। मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा विधि को अपनी जिंदगी का हिस्सा बना लीजिए। आप खुद देखेंगे कि कैसे आपकी परेशानियां कम होने लगेंगी और आपके अंदर एक गजब का आत्मविश्वास आ जाएगा। बस बजरंगबली पर पूरा भरोसा रखिए!


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

क्या महिलाएं भी मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा कर सकती हैं?

जी हां, बिल्कुल! महिलाएं भी पूरी श्रद्धा के साथ मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा कर सकती हैं। बस उन्हें यह ध्यान रखना चाहिए कि वे हनुमान जी की मूर्ति को सीधे स्पर्श न करें (खासकर उनके पैर न छुएं) और हनुमान जी को सिंदूर या चोला न चढ़ाएं।

मंगलवार को हनुमान जी को कौन सा प्रसाद चढ़ाना सबसे अच्छा है?

मंगलवार के दिन हनुमान जी को गुड़-चना, बूंदी, या बेसन के लड्डू का भोग लगाना सबसे शुभ माना जाता है। इससे मंगल दोष दूर होता है और जीवन में सुख-शांति आती है।

क्या शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं?

बिल्कुल! शनिवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना बहुत ही चमत्कारी होता है। इससे शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और हर तरह की नेगेटिव एनर्जी (नकारात्मक ऊर्जा) से बचाव होता है।

हनुमान जी के सामने किस तेल का दीपक जलाना चाहिए?

मंगलवार को चमेली के तेल या शुद्ध देसी घी का दीपक जलाना चाहिए, जबकि शनिवार के दिन शनि दोष को दूर करने के लिए सरसों के तेल (Mustard Oil) का दीपक जलाना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है।

क्या बिना नहाए हनुमान जी की पूजा की जा सकती है?

अगर आप स्वस्थ हैं तो हमेशा नहाकर और साफ कपड़े पहनकर ही पूजा करनी चाहिए। लेकिन अगर आप बीमार हैं, सफर कर रहे हैं या रात को अचानक डर लग रहा है, तो आप बिना नहाए सिर्फ मन ही मन (मानसिक रूप से) भगवान का नाम ले सकते हैं।